जिला -कोरबा, छ.ग.
विषय- बीजापुर
विधा-कविता
शीर्षक - तेरी शहादत
---कैसे भूला पाएंगे
तेरी शहादत की व्यथा को ।
सींचा है तुमने अपने जवां रूधिर से ,
बीजापुर की वादियों को ।
कलम की नींब को
पत्थर पड़ गया था
लिख लिख कर
तेरी शहादत की ब्यथा ।
दिल में पत्थर रख कर मैंने अपनी कलम चलाई है ,
कब होगा आबाद बस्तर , वादियों ने गुहार लगाई है ।
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गोमती सिंह
कोरबा, छ.ग.
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