स्थान नवापारा खुर्द सक्ति
जिला जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
विधा ---आलेख/ कविता/ग़ज़ल
विषय----सरहदें
शीर्षक--- सरहद जीवन आधार
सरहद बनाया गया है, लोगों की रक्षा के लिए ।
जीते मरते इसके पीछे, निर्माण हमने है किए ।
गुण-दोष बाद में आते हैं ।
पहले निर्माण होता है ।
हमने भी वही किया ।
जो संभव पहले होता है ।
आवश्यकता इसकी महसूस हुई,इसको हमने गढ़ दिए
इसको बनाकर पछताना ।
बुजदिली का काम है ।
लाखों लोग सुरक्षित इससे ।
हर किसी को आराम है।
जो हमको चाहिए था,शरहद ने हमको दिए ।
इसकी रक्षा करने वालों की
,जब जाती है जानें ।
वही पर टूट जाता है,
मन के सभी अरमाने ।
हालात देखकर कह सकते हैं, इसके बिना हम कैसे जिएं ।
फूट की बात करना अलग है,
लड़ाई झगड़ा भी अलग है ।
घर घर लड़ते वह भी अलग है,
समाज की जरुरत अलग है ।
सरहद वह आधार है,जो जीवन को सर्व सुख दिए ।
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