नाम -लक्ष्मण प्रसाद साहू,
जिला -दुर्ग
शीर्षक - मोक्ष
विधा- छंद मुक्त
मोक्ष मार्ग ही जीवन का,
होता है सबसे मनभावन l
निहारे राह सभी मानव जन ,
सबका इसमें आना जाना ll
मिटाकर सारे प्रपंचों को,
रचे अस्तित्व कर भावन l
सुप्त मन को जगाये सदा,
ह्रदय चाहे हो जाये निर्मल ll
जाते सब वहाँ ले आस ,
अंतस तम , छोड़ जरा l
आगे बढ़ तोड़ भव बंधन ,
महके हर पल तन मन ll
निज प्राण प्रश्रय हो जाये हम ,
ध्यान करें उस असीम तत्व का l
मिलकर करें वरण हम उनका ,
मोक्ष साक्षी हो हम सब का ll
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