रचनाकार- एच-एस-अरमो ,अरमान ।
निवास -बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
विषय - मोक्ष ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक- "" मोक्ष "" ।
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●●•••<•>||मोक्ष ||<•>•••●●
इस भवसागर में--
देह को,पार लगाने,
प्रभु भक्ति में,हो जा,
तू इतना लवलीन,
मोक्ष मिले,भौतिक काया को ।
जीवन की आपाधापी में--
ईश्वरीय पूजा से,हो रहे,अब दूर,
भौतिक सुख के लिए,
करते,उलटे-सीधे काम ।
मोक्ष क्या,क्या होता है--
जान ले,मनवा तू ,
इस जन्म -मरण के,गतिक्रम में,
कुछ सत्कर्मों की,
पूँजी,अब जोड़--।
पानी का बुलबुला है--
है,तेरा हिलता-डुलता तन,
जब तक,चलती हैं,तेरी श्वाँस,
मोक्ष प्राप्ति लेना होगा टोह ।
सही मोक्ष न मिले,
इन्सान को,
भटकती रहती है,
उसकी आत्मा इस सँसार में ।
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