Friday, March 19, 2021

श्वेता सिंह क्षत्रीय की रचना- व्रीहि

रचनाकार -- श्वेता सिंह क्षत्रीय
जिला/राज्य-----जांजगीर -चाम्पा (छ.ग.)
विषय -- व्रीहि
शीर्षक ---व्रीहि की विशेषता

देवो के वंदन में व्रीहि
धरती के तन मन मे व्रीहि ।

किसानों के एहसासो में व्रीहि
चिड़िया के दानों में व्रीहि ।

खेत खलिहानो में दुल्हन सी सजी व्रीहि
राजा हो या तपस्वी सब के संग व्रीहि ।

प्रकृति की सुंदरता में व्रीहि
मोतियों के दानों सा दिखता व्रीहि।

बूढ़े हो या बच्चे सब का भूख मिटाता व्रीहि
अमीर हो या गरीब सब को चैन सा सुलाता व्रीहि।

पूजा की थाली में व्रीहि
छोटे बड़े सबके खुशहाली में व्रीहि।

जन्म के सुखद एहसास में व्रीहि
मृत्यु के अंतिम परिणाम में व्रीहि।

जीवन की हर कदम पर खास व्रीहि
धरती माँ की सुखद एहसास व्रीहि।

व्रीहि से जुड़ा है सारा संसार 
व्रीहि के बिना अधूरा है हमारा प्यार ।

11 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...