निवास-बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर , छत्तीसगढ़ ।
विषय- " चंदन " ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक-"चंदन की तरह " ।
दिनाँक-20/03/2021,शनिवार--।
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$?$?!! चंदन की तरह!!$?$?$
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मेरा प्यार है,उनसे---
चंदन की पेड़ की तरह,
लटके रहते हैं,जैसे भुजंग ।
चंदन की खुशबू---
मिटा देती है उदासी,
मदमस्त कर देती,मन को,
सुगंधित हो जाती जिन्दगानी ।
खुशबू का रिश्ता होता है,अजीब--
चाहे चंदन हो या केवड़ा,चमेली,
तुम खिड़की-दरवाजे बंद कर लो,
फिर भी,अपनी गंध छोड़ जाती--।
चंदन मन को,शन्ति देता--
प्रभु पूजन में,है काम आता,
और भाल में,तिलक को सजाता ,
मतभेद को भी, है मिटाते जाता--।
चंदन-सा हम-तुम बन जायें --
सदा सद्भाव की,खुशबू है बिखरें,
अपनेपन की, सीमाओं को मिटा,
सब में आनन्द भाव ही बाँटे--।
तन का रंग, कैसा भी हो---
पर,मन चंदन-सा बनाओ ,
कोई,कितना भी बुरा सोचे,
तुम उससे,खुशबू का रिश्ता निभाओ।
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