Saturday, March 20, 2021

रोजी दंडसेना की रचना- चंदन

कवियत्री का नाम - कु रोजी दंडसेना
 जिला - सोनपुर, ( ओडिशा  )
 शीर्षक - चंदन
 विधा -कविता

 औषधि प्रसाधन आदि
 चंदन के है गुण
 हजार
 सिर माथे सुशोभित होय
 प्रभु का है अनन्य श्रृंगार ।

 चंदन की शीतलता अनूप
 श्रेष्ठ इसका गुणवत्ता
 भुजंग के संग रहकर भी
 बनाए रखा  जो निज सत्ता ।
 
 संसार का हर वर्ग हर जाति
 इसकी लोहा को  माने हैं ।
 आस्तिक हो चाहे हो
 नास्तिक 
 चंदन का गुन पहचाने हैं ।

 तपन के ताप से हो बचना
 या बढ़ानी हो औषधि  का  प्रभाव
 चंदन के सरिस ना कोई
 शीतल सरल स्वभाव ।

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