विषय -संकल्प
रचनाकार सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
शीर्षक -संकल्प ही विकल्प
संकल्प ही विकल्प है।
आगे बढ़ने के लिए।
ये जीवन मिला कुछ,
अच्छा काम करने के लिए।
अपनों के सपने को जीना होगा।
उनके साथ के लिए।
और खुद के प्रयास ,
जरुरी है जीतने के लिए।
हर बार किस्मत को दोष ,
दिया ना करो।
कोशिश हमें ही करनी,
होगी खुद के लिए।
मंजिलों पर रखो नजर,
उसे पाने के लिए।
रास्ते तो तय करने होंगे,
वहाँ तक जाने के लिए।
एक संकल्प ही तो है।
करने के लिए।
अडिग रहो तो,
मिशाल बन जाओगे
जमाने के लिए।
संकल्प ही काफी है,
किसी मंजिल को पाने के लिए।
अपने और समाज को,
नई दिशा देने के लिए।
रचनाकार सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
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