ग्राम - बुलाकी
जिला - रायगढ़ छत्तीसगढ़
विधा - आलेख
विषय- विनाह
दिनांक - 10/03/2021
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*विनाह*
विनाह का हिंदी भाषा में कुआंँ का ढक्कन कहा गया है। विनाह का अर्थ, अन्य भाषाओं में और अलग-अलग अर्थ हो सकता है। ढक्कन शब्द बोलचाल की भाषा में सामान्य लगता है ,लेकिन मानव जीवन की उपयोगिता में महत्वपूर्ण स्थान रखता है ,क्योंकि सिर्फ कुआंँ का ढक्कन से तात्पर्य नहीं है, कोई भी वस्तु का ढक्कन महत्वपूर्ण होता है ।क्योंकि ढक्कन किसी वस्तु में रखी गई, वस्तु को सुरक्षित रखकर शुद्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बिना ढक्कन की वस्तु खराब विशुद्ध हो सकता है। कुआंँ का ढक्कन कुआँं के जल को शुद्ध सुरक्षित प्रदान करता है। कुआँं में ढक्कन लगे रहने से कोई भी जीव जंतु गिरने का खतरा न भय नहीं होता है। विनाह अर्थात कुआँं का ढक्कन कई वस्तुओं से बनाई जा सकती है ।जैसे टीन, बास, लकड़ी, सीमेंट और अन्य वस्तुओं से बनाया जा सकता है। कुआँं का जल शीतल शुद्ध सुरक्षित रहता है। वर्तमान में जल की सुरक्षा और शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जल ही शरीर की जलापूर्ति करता है ।वर्तमान में जल का लेबल कम होते जा रहा है ।साथ-साथ जल प्रदूषित भी होते जा रहा हैं। इन वर्तमान समस्याओं पर समीचीन विचार करने की आवश्यकता है। विनाह से ढक कर जल को सुरक्षित रख कर शुद्ध जल का पीने में उपयोग कर, शरीर को स्वस्थ बनाने में सहयोग मिल सकता है। अतः वर्तमान में जल के संग्रहण, सुरक्षा, आवर्तनशीलता, शुद्धता, सदुपयोग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। लोगों में जन जागरण फैलाना और प्रकृति से प्राप्त वस्तुओं को कैसे सुरक्षित, संरक्षित और संवर्धन किया जाए सोचने की मुद्दा है। वर्तमान में कुआंँ विरला दिखाई देता है, कुआँं की उपयोगिता को समझते हुए, कुआंँ को विकसित किया जाना चाहिए ,ताकि मानव को शुद्ध और शीतल जल की पूर्ति हो सके।आने वाली पीढ्ढी में जल का अभाव न हो।
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उर्मिला सिदार
रायगढ़ छत्तीसगढ़
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