जिला - जाँजगीर चाम्पा (छ ग)
विषय - चन्दन
चन्दन वसुन्धरा को महकाती,
चन्दन देवों में पूजी जाती।
चन्दन की शीतलता अपार,
इसमें लिपटे भुजंग हजार।
चन्दन तो है औषधि गुणकारी,
चन्दन से निखरे सुन्दरता हमारी।
चन्दन तिलक मष्तक पर सुशोभित,
चन्दन छोटे बड़े सब को मनभावित।
चन्दन तो है बड़ी परोपकारी,
खुद घिसे पर सबको दे खुशियाँ सारी।
Wah qya khub likhi hain Aap,chandan ki mahak sa mn mahak gya apke kavita se
ReplyDeleteWaah bahut Sundar
ReplyDeleteबेहतरीन कविता शानदार
ReplyDeleteWah qya khub likhti ho
ReplyDeleteVeri Nice
ReplyDeleteVeri Nice
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