स्थान खोंगापानी
जिला कोरिया (छत्तीसगढ़)
शीर्षक व्रीहि
जीवन के मुख्य आवश्यकता है व्रीहि
करते हैं इसके सम्मान हम,
धरती को शोभयामान है व्रीहि
करते हैं इसके पूजन हम।
बिन अनाज जीवन की कल्पना
न कर सकते हैं कोई,
धन धान्य से परिपूर्ण हो
ये ही कामना करते हर कोई।
धान है शान हमारी
करते किसान को सदा धन्यवाद,
कठीन परिश्रम कर खेतों में
करते हैं भूमि को आबाद।
अन्न जल की महिमा
है हमारे संस्कारों में,
इसके गाथा है लिखे
वेद और पुराण में।
रक्षा करना है हमें
कर जोड़ ये विनती है
बिन अनाज जीवन की
नहीं कोई प्रगति है ।
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