रचनाकार-एच-एस-अरमो,अरमान ।
निवास-बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक --" प्यासा-मन " ।
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¤¤●••"प्यासा-मन "••●¤¤
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जगत में,प्यासा-मन--
रहता है,सभी का,
चाहे इंसा हो या जानवर ।।
प्रेमभक्ति में,जो लग जाता है--
उसकी आश ,कभी पूरी नहीं होती,
रहता ,उसका भी प्यासा-मन ।।
जगत में,मिल जाय---
जिसको,जितना भी,सुख-वैभव,
फिर भी रहता है,उसका प्यासा-मन ।।
चाहे अमीर हो या गरीब---
पैसों की भूख,कभी मिटती नहीं,
होती नहीं,कभी भी पूरी,
क्योंकि है,उसका भी प्यासा-मन ।।
फकीरी-सी जिन्दगी जीने वाला--
रहता है,अलमस्ती में,वो सदा,
रहे अभाव फिर भी,रहे न उसका,
कभी भी,प्यासा-मन--।।
यदि तुम,सुख-शाँति से--
जीना चाहते हो तो,
मृगतृष्णा,मायामोह को त्यागें,
लीन हो जायें,प्रभु-भक्ति में,
रहेगा न कभी,उसका प्यासा-मन ।।
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