स्थान ---नवापारा खुर्द /सक्ति
जिला---- जांजगीर-चांपा /छत्तीसगढ़
विधा ----कविता/ आलेख
विषय ---तरकीब
शीर्षक ----तरकीब सबका मूल
जीवन के लिए तरकीब, बहुत काम का ।
इसी से राह मिलते सबको मुकाम का ।
सबकी अपनी इच्छाएं,इसी से पूरी होती ।
तरकीब से मन को मिलता है नई ज्योति ।
परिणाम आता इससे नाम बदनाम का ।
कोई धन चाहता वो तरकीब से पाते ।
करें खूब परिश्रम दौलतमंद बन जाये ।
प्रवाह नहीं करता किसी भी अंजाम का ।
कोई ज्ञान चाहता वो तरकीब से पाये ।
वृहद वृहद ग्रंथों को पढ़कर ज्ञानी कहाये ।
ज्ञान करे संचय बने विजयी इस संग्राम का ।
कोई राजनेता बने और सीखे राजनीति ।
तरकीबों में वो बोले यह काम नहीं सीधी ।
चौबीस घंटे का यह काम,न सुबह शाम का ।
कोई धंधा कर रहा सोचे ,इसमें कैसे पनपे ।
कोई नौकरी ढूंढ रहा, सोचे कैसे मुझे मिले ।
तरकीब से सब मिले बिल्कुल बिना दाम का ।
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