रचनाकार-एच-एस-अरमो ,अरमान ।
निवास-बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर ,छत्तीसगढ़ ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक - '" तरकीब "" ।
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●○●••||तरकीब ||••●○●
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तरकीब के बिना --
कठिन कार्य करना होता है,
कितना मुश्किल--।
पर्वतारोही,पर्वत चोटी की--
शिखर पर पहुँचने,
लगाता है कई तरकीबें,
तभी,विजय पताका फहरा जाता है ।
युद्धस्थल में---
योद्धाओं को रणनीति के साथ,
अपनी तरकीबों से ही,
दुश्मनों को परास्त है करता--।
सफलता की कहानी,
यूहीं,लिखी नहीं जाती है,
करना पड़ता है तरकीबें,
कई-कई बार,धैर्यता के साथ--।
जीव-जन्तुओं को भी--
सँसार में जीने के लिए,
कितना जतन करने पड़ते,
अपनी विवेकपूर्ण तरकीब से ही,
अपने अस्तित्व को,बचा पातें हैं--।
तकदीर बदल जाती है--
जब अच्छा साथ मिल जाते,
दुःख मुसीबत में फंस जाते,
तो,साथी कोई तरकीब सुझाते--।
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