Tuesday, February 23, 2021

उर्मिला सिदार कृत आलेख- तरकीब

रचनाकार -उर्मिला सिदार
 ग्राम -बुलाँकी रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
 विधा- कविता/ आलेख 
विषय- तरकीब
*************************
                *तरकीब*

 मनुष्य इस अस्तित्व का सबसे उत्कृष्ट रचना है उसके पास मन और शरीर है मन में समझने की शक्ति और शरीर में कार्य करने की शक्ति होती है। अगर मानव इस अस्तित्व में जन्म लिया है तो उसे जिंदा रहने और जीने के लिए पोषण वस्तु की आवश्यकता होती है। इसी पोषण वस्तु को प्राप्त करने के लिए वह जिंदगी भर शरीर को जिंदा रखने के लिए, पोषण की तलाश में अनेक प्रकार के तरकीब कल्पना में सोच विचार करता रहता है ।
एक कल्पना पूरा होने के बाद, दूसरा कल्पना की शुरुआत हो जाती है और इस कल्पना को तरकीब के द्वारा कैसे सकार किया जाए इसी उधेड़बुन में वह निरंतर सोच विचार करता रहता है ।मनुष्य में  समझने की शक्ति है ।वह समझ कर ही जीना चाहता है और जीने के लिए अनेक प्रकार की तरकीब निकालता है और अपने मन और तन ,धन  का सही उपयोग करता है वर्तमान में मनुष्य मन, तन ,धन का सही उपयोग न कर पाने से समस्या ग्रस्त जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो गया है ।इस मजबूरी से निकलने के लिए वह हर पल ,हर क्षण कुछ न कुछ तरकीब निकालना चाहता है और तरकीब के माध्यम से समस्या से निजात होना  चाहता है। सुबह से लेकर शाम तकऔर जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य कुछ ना कुछ उपाय करके जीने का प्रयास करता है। जो भी  प्रयास  कर सोचता है। वह सुख की चाहत लेकर ही करता है ।क्योंकि मनुष्य  सुख धर्मी है। सुख ही मनुष्य का लक्ष्य है ।इसी लक्ष्य के लिए वह जिंदगी भर नई-नई तरकीब निकाल कर जीने का प्रयास करता है।
 उर्मिला सिरदा बुलाँकी रायगढ़

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...