Tuesday, February 9, 2021

गिरधारी लाल चौहान कृत आलेख- अखबार

नाम --गिरधारी लाल चौहान
स्थान-- नवापारा खुर्द /सक्ति
जिला ---जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा ---आलेख
विषय ---अखबार  की कीमत
अखबार की कीमत का अंदाजा लगाना मुश्किल है उसकी उपयोगिता और महत्त्व के आधार पर ही उसकी कीमत ठहरती है । वैसे तो सभी अखबार दैनिक तीन रुपये के आसपास में घर तक आ जाते हैं और जोड़ने गुणा भाग करने पर विशेष अंक होने पर सौ रुपए के लगभग आर्थिक बोझ का निर्वहन करना होता है । अखबार में कई प्रकार के समाचार प्रकाशित होते हैं उसको जानने के लिए लोग इंतजार में रहते हैं जैसे जन्म से लेकर मत्यु तक की खबरें इनमें होती है सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी जानकारी मिलती है , सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक की जानकारी उसमें मिलती है,लोग अपने जन्म दिवस को भी अखबारों में प्रकाशित करवाते हैं कई प्रकार के विज्ञापन भी उसमें प्रकाशित होते हैं ।
 साहित्य कारों के लिए, एक सामान्य पाठक के लिए,यह बहुमूल्य होता है,उसी प्रकार विद्यार्थियों, बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के लिए यह विशेष कीमती रहता है जिस दिन नौकरी संबंधी जानकारी प्रकाशित होते हैं । एक कवि लेखक गीतकार आलोचक के लिए बहुत ही कीमती साबित होता है जिस दिन उनकी चिर प्रतिक्षित रचनाएं प्रकाशित होती है । राजनीति में लगे हुए लोगों के लिए भी यह कीमती साबित होता है जिस दिन उनकी पार्टी विजयी होती है किस पार्टी को कितना मत मिला कितने जीते कितने पराजित हुए यह जानकारी अखबार की कीमत को बढ़ा देती है ।
तीस वर्ष पहले की बात मैं बता रहा हूं उस समय मोबाइल नेट का उतना ज्यादा प्रचलन नहीं था लोग अखबारों पर ही आश्रित रहते थे । मैं उस समय मैट्रिक पास किया अखबार से ही मुझे परीक्षा परिणाम मिला हम उसके इंतजार में रात्रि बारह बजे तक रेल्वे स्टेशन में बैठे रहे ।
अखबार की कीमत बहु आयामी है पैसे रुपयों से उसे बांधा या आंका नहीं जा सकता । 

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