जिला - बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़)
विषय - प्रेम
विधा - मुक्त
शीर्षक - प्रेम
**********************
// प्रेम //
जीवन का संगीत प्रेम है ,
आनन्द मंगल गीत प्रेम है ,
मधुर सुहावन रीत प्रेम है ,
दैवी परम पुनीत प्रेम है ।
सृष्टि का सौंदर्य प्रेम है ,
सर्व सुलभ ईश्वरीय प्रेम है ,
दिव्य रत्न ऐश्वर्य प्रेम है ,
अपनत्व भरा औदार्य प्रेम है ।
निर्मल गंगा धार प्रेम है ,
बिना स्वार्थ व्यवहार प्रेम है ,
बन्धुत्व का संसार प्रेम है ,
सुख शांति परिवार प्रेम है ।
ज्ञान भक्ति सद्भाव प्रेम है ,
अंतिम लक्ष्य पड़ाव प्रेम है ,
भवसागर की नाव प्रेम है ,
मुक्ति का निज गाँव प्रेम है ।
भौतिकता से रहित प्रेम है ,
माया मोह से पृथक प्रेम है ,
सीमित नहीं असीमित प्रेम है ,
परमार्थ तत्व का गणित प्रेम है ।
सत्यम् शिवम् सुन्दरम् प्रेम है ,
शुद्ध विराट निष्कलंक प्रेम है ,
सर्व लाभ धन परम प्रेम है ,
आत्मिक वैभव अनन्त प्रेम है ।
---#---#---#---
रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
(स्वरचित व मौलिक)
बलौदाबाजार
छत्तीसगढ़
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
No comments:
Post a Comment