Wednesday, February 10, 2021

लीलाधर कुम्हार की रचना- प्रेम

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़)
विषय - प्रेम
विधा - मुक्त
शीर्षक - प्रेम
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               // प्रेम //

जीवन का संगीत प्रेम है ,
आनन्द मंगल गीत प्रेम है ,
मधुर सुहावन रीत प्रेम है ,
दैवी परम पुनीत प्रेम है ।
           सृष्टि का सौंदर्य प्रेम है ,
           सर्व सुलभ ईश्वरीय प्रेम है ,
           दिव्य रत्न ऐश्वर्य प्रेम है ,
           अपनत्व भरा औदार्य प्रेम है ।
निर्मल गंगा धार प्रेम है ,
बिना स्वार्थ व्यवहार प्रेम है ,
बन्धुत्व का संसार प्रेम है ,
सुख शांति परिवार प्रेम है ।
           ज्ञान भक्ति सद्भाव प्रेम है ,
           अंतिम लक्ष्य पड़ाव प्रेम है ,
           भवसागर की नाव प्रेम है ,
          मुक्ति का निज गाँव प्रेम है ।
भौतिकता से रहित प्रेम है ,
माया मोह से पृथक प्रेम है ,
सीमित नहीं असीमित प्रेम है ,
परमार्थ तत्व का गणित प्रेम है ।
         सत्यम् शिवम् सुन्दरम्  प्रेम है ,
         शुद्ध विराट निष्कलंक प्रेम है ,
         सर्व लाभ धन परम प्रेम है ,
         आत्मिक वैभव अनन्त प्रेम है ।

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 रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
             (स्वरचित व मौलिक)
                  बलौदाबाजार
                     छत्तीसगढ़
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