Tuesday, February 23, 2021

मनोरमा पटनायक की रचना- तरकीब

रचनाकार :- मनोरमा पटनायक 
पता :- तमनार ,रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
 वर्तमान पता :- सम्बलपुर ओड़िशा  
विधा  :- कविता (मुक्त छंद )
विषय- तरकीब

लाख तरकीबें करता रहा जिंदगी के लिए l
पर कुछ भी न काफी रहा आदमी के लिए l
बहता चला अपनी मौजों में कल के सपने लिए l
न रहा फुरसत उसे आज ही के लिए l
लाख ......

जमाने की जद्दोजहद में ,
अपने परायों की हद में l
कमाने की अपनी ललक में ,
छोड़ जमी उड़ गया फलक में l
सबको भुला है खुद ही के  लिए l
लाख ….....

न संतान अपनी मां का रहा l
न भाई बहनों का बन सका है सगा l
खोकर मानव ही मानवता l
दूर कर अपने मन की भावुकता l
जो न किसी का होके रहा , 
उस वैभव ,धन के लिए 
लाख ...........

जो आज है वही अपना है l
कल किसने देखा वो सपना है l
सब यहीं पर रह जएगा l
हाथ खाली था खाली ही जाएगा l
करो काम नेकी का जग में ,
न खो दो सुकून दिल का दो पल की खुशी के लिए
लाख .........

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...