Friday, February 26, 2021

मीराआर्ची चौहान की रचना- सरो

रचयिता-मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक- सरो
विधा-कविता (मुक्त छंद)

बनझाऊ के बंदनवार बने,
सजा मेरा उपवन प्यारा।

शिवजी के जटाओं- सा,
तांडव करते लगता न्यारा।

वन की शोभा सरो बनी है,
उपवन उससे ही सजी है ।

लहराती और बलखाती है,
सात्विक  जीवन करती है।

सरो वृक्ष की बात निराली,
क्यारी-क्यारी है इठलाती ।।

मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...