जिला-महासमुंद(छ.ग.)
विषय-मधुमास
विधा -चौपाई
शीर्षक-मधुमास
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है मधुमास सभी को प्यारा।
खुशियों में झूमें जग सारा।।
राग-मधुर कानों में घोले।
जब काली कोयलिया बोले।।
इस मधुमास सरस् सुख बरसे।
खुशियों को कोई मत तरसे।।
स्वच्छ बने सबके मन मैले।
जग में बस खुशियाँ ही फैले।।
सुरभ करे मधुमास पवन को।
खुशी मिले तब हर तन-मन को।।
हृदय नही कोई अंदेशा।
है मधुमास सुखद संदेशा।।
*प्रेमचन्द साव 'प्रेम',बसना*
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