निवास-बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर ,छत्तीसगढ़ ।
विषय:-"भूख" ।
विधा-आलेख ।
शीर्षक-भूख ।
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○○•••|| भूख ||•••○○
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इस जगत में भूख न दी होती तो कोई किसी को कभी पूछता भी नहीं ।भूख शब्द का व्यापक रूप से इसका अर्थ समझना बहुत ही कठिन होता है ।भूख का संबंध भोजन से होता है तो कहीं चाहत या लालसा से भी होता है ।
आज मानवता मर रही है और रुपये-पैसे व धन-सम्पत्ति की भूख लोगों में बढ़ती ही जा रही है और इसे प्राप्त करने की लालसा में अति-चिंचीत नजर आते हैं ।इस कारण से कुछ लोग अनैतिक तरीके से धन-दौलत कमाना चाहते हैं और हमेशा इसी के फिराक में रहा करते हैं और लोगों को अपने गिरफ़्त में लेते रहते हैं ।
एक दीन हीन व्यक्ति से पूछे कि भूख क्या होती है तो वह इसका मतलब क्या होता है,मैं नहीं जानता हूँ ,क्योंकि ये बातें तो मेरी नियति बन गयी है ।वह कहता है कि इस दुःख को सहन करने की शक्ति तो मैंने पा ली है ।इसके विपरीत परिस्थितियों में भी कभी-कभी भूख का जबर्दस्त सामना करना पड़ता है और हम भूख का महत्व समझ गये सोचते हैं,जबकि एक भिखारी के सामने ये भूख कुछ भी नहीं है ।अतः पारिस्थितिवश भूख का महत्व व अर्थ बदल ही जाता है ।
वैसे तो भूख का सीधा मतलब "भोजन" की भूख से ही होती है ।जब भूख इन्सान को लगे या जानवर को वह बैचैन हो उठता हैऔर भोजन की तलाश शुरू कर देता है और जैसे ही भोजन मिल जाता है वह राहत की सांस लेता है । इसके अलावा भूख कई प्रकार की होती है जैसे-प्रेम की भूख ,ईश्वर भक्ति की भूख,ऊंच्च स्थान पाने की भूख ,विश्व विजेता बनने की भूख इत्यादि ।
हम सबको भूख का होना जरूरी है तभी उन्नति व विकास की ओर अग्रसर हो पायेगें और नया कुछ सीखने की भूख बनी रहेगी ।
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