संबलपुर,जिला-कांकेर, (छ.ग.)
विषय-गणतंत्र दिवस
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गणतंत्र हमारा प्यारा,सब देशों से न्यारा,
प्यारा देश हमारा सब देशों की आंख का तारा।
हमने दिलो जां से तुमको पुकारा,
विविध धर्म और जाति रहते इसमें सारा।
वसुधैव कुटुम्बकम का संबल है सहारा,
नदियां,पहाड़,हरा भरा आंगन है अपारा।
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई
अजब विस्तारा,सब धर्मों का घर है प्यारा।
सत्य,अहिंसा परमो धर्म है नारा,
हिमनदों को समेटे गर्वित रक्षक हिमालां हमारा।
तीन रंगों वाला शौर्य का प्रतीक है तिरंगा हमारा।
हरियाली,शांति,कुर्बानी का है पिटारा।
रंग-बिरंगी वेषभूषा,त्योंहार है यहां निराला,
विश्व-बंधुत्व सत्यमेव जयते ही है अधारा।
कश्मीरी केसर,रत्नाकरों से भरा नजारा,
शत-शत नमन करूँ,ऐसा सुंदर गणतंत्र हमारा।
गणतंत्र हमारा प्यारा,सब देशों से न्यारा ।
प्यारा देश हमारा,सब देशों का आंख का तारा।
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर(छ.ग.)
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