Monday, January 25, 2021

गिरधारी लाल चौहान की रचना- गणतंत्र दिवस

नाम ----गिरधारी लाल चौहान
स्थान--- नवापारा खुर्द /सक्ति
जिला ---जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा--- कविता आलेख
विषय ---गणतंत्र दिवस
विषय--- राष्ट्र के ध्वज को

राष्ट्र के ध्वज को, आओ नमन करें ।
गणतंत्र के मंत्र को ,आओ जपन करें ।

गगन पर जो तिरंगा,फहरा रहा है ।
ए सबका किस्मत है, लहरा रहा है ।
जरुरी है हर पल, इसका जतन करें ।

भारत की आजादी ,यह दिलाने वाला ।
अंग्रेजों को भारत से,यह भगाने वाला ।
क्या करना देश हित में,वह वचन पढ़े ।

एकता समानता भाईचारा,यह बांट रहा है ।
सबके हितों के लिए दिन रात जाग रहा है ।
मिले सबको बराबर अवसर ,यह प्रबंध करें ।

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, इसकी भेद न दिखे।
हम एक हैं एक रहेंगे, खुद हाथों से यह लिखें ।
दुश्मन के आगे सर झुके न,और हम डरें ।

उन्नति का यह रास्ता, सबको दिखा रहा ।
इसमें तुम बढ़ते जाओ,यह गीत गा रहा ।
तन मन जीवन में ,यह बात हम धरें ।

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