जिला:-कांकेर(छ. ग.)
विषय:-गणतंत्र दिवस
विधा:-छंद मुक्त कविता
शीर्षक:-देखो गणतंत्र दिवस है आया
देखो गणतंत्र दिवस है आया,
आसमाँ पर तिरंगा लहराया।
दिल्ली में पर्व का उत्साह तो देखो,
एकता के पर्व से भाईचारा सीखो।
राष्ट्रपति जी राष्ट्रध्वज फहराते,
सब मिलकर राष्ट्रगान हैं गाते।
परेड से राजपथ सज जाता,
देखने लोगों का मेला लग जाता।
राज्य भी पीछे न रहते,
धूमधाम से यह पर्व मनाते।
राज्यों में प्रदर्शनी लगती,
लोग संस्कृति की झांकी सजती।
शाला और सरकारी भवन सजते,
पूर्ण गणवेश में बच्चे शाला आते।
मुख्य अतिथि राष्ट्र ध्वज फहराते,
सब मिलकर राष्ट्र गान गाते।
बच्चे प्रभात फेरी में नारे लगाते,
विभिन्न कार्यक्रम में भाग ले पाते।
अंत में मिठाई बांटी जाती,
जन मनाते इसे भूल धर्म-जाति।
देखो गणतंत्र दिवस है आया,
आसमाँ पर तिरंगा लहराया।
-कु.गरिमा पोयाम
कांकेर(छ. ग.)
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