जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-सुभाष चन्द्र बोस
विधा- कविता (मुक्त छंद)
तुम मुझे खून दो अपना,
तब मै तुम्हें आजादी दूंगा।
यही तो उनका नारा था,
आजादी का परवाना था।
जयहिंद का नारा दिया था,
आजाद हिन्द फौज बनाये थे।
इंकलाब का बिगुल बजाया,
सचमुच सच्चे हिन्दुस्तानी थे।
भारत माता के सच्चे सपूत,
वे बाबू सुभाष कहलाते थे।
शत् -शत् नमन् जन्मदिन पर,
अंडमान में तिरंगा लहराये थे।
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
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