जिला -दुर्ग (छ.ग. )
विषय - सुभाष चंद्र बोस
विधा -स्वतंत्र
मातृ भूमि के सच्चे तपी सपूत,
प्राण पण से रत व्रती साधक l
राह से उखाड़ फेंकते जो बाधक ,
हे वीर,अदम्य,पथ सृष्टा सुभाष ll
देश के रक्षक, संरक्षक आप,
काल के भाल पे लिखते भाग्य l
राष्ट्र जीवन गति बनाये आसान,
हे वीर अदम्य पथ सृष्टा सुभाष ll
देश की आन का मान बढ़ाने ,
बने आजाद हिन्द फ़ौज के सूत्रधार l
हर मुश्किल को वरदान बना गये ,
हे वीर अदम्य पथ सृष्टा सुभाष ll
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