स्थान ---नवापारा खुर्द/ सक्ति
जिला ---जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा ---कविता आलेख
विषय ---सुभाष चन्द्र बोस
शीर्षक--- सुभाष चंद्र के नारे
सुभाष के दिए नारे, याद है हमें ।
जिससे मिली आजादी,ज्ञात हैं हमें ।
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा ।
जिस नारे ने किया है, आबाद हमें ।
आजादी की कहानी,जो बन चुके हैं ।
दुश्मनों के सामने,जो कभी न झुके है ।
अपने पद भी छोड़े, कुछ विचार त्यागे ।
चाहिए भगवन ऐसे ही, औलाद हमें ।
खुद फौज का गठन किए, समिति भी बनाए ।
द्वितीय विश्व युद्ध न लड़ेगा भारत,ये बात बताए ।
कटक का यह बेटा, हिन्दुस्तान का बना नेता ।
आंखों में दिखाई देता, किया शंखनाद हमें ।
सारा हिंद उन्हें करे नमन, ऐसे थे फौजी बाबू ।
अंग्रेजों को झुकाकर माने, ऐसा था उनका जादू ।
भारत मां को आज भी गर्व है, ए उनकी संतान है ।
उनके रहते दुश्मन कभी ,न कर पाये बरबाद हमें ।
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