जिला - कांकेर,छग
शोर्षक-नज्म
विधा-कविता (मुक्त छंद)
मन की वोणा से झंकृत तारों का
अनुनाद है नज़्म|
अंतर्मन की मार्मिक भावों का
साज है नज़्म|
पीड़ा की छंदबद्ध अल्फाजों में आगाज़ है नज़्म|
विरह व मिलन की अभिव्यक्ति है
पैगाम है नज़्म|
एहसासों का शब्दों में मधुरिम
भाव है नज़्म|
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
No comments:
Post a Comment