Monday, January 25, 2021

पद्मा साहू "पर्वणी" की रचना- गणतंत्र दिवस

रचनाकार_ श्रीमती पदमा साहू "पर्वणी"
जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़
विधा _रोला छंद
विषय गणतंत्र दिवस         
          *गणतंत्र*
महापर्व गणतंत्र, दिवस हम सभी मनाएँ ।
आन बान अरु शान, तिरंगा ध्वज लहराएँ।
संविधान से आज , पूर्ण है नाता जोड़ें ।
पराधीनता त्याग, गुलामी बेंड़ी  तोड़ें।।

मातृभूमि पर वीर, शीश है नित्य झुकाते।
शीत ग्रीष्म बरसात, देश का फर्ज निभाते।
करें सदा सम्मान, वीरता बलिदानी का ।
मर्दन जिनके हाथ, होत रिपु अभिमानी का।।

है गणतंत्र महान, प्रेम जयकारा बोलो।
देश भक्ति का रंग ,सदा जन-जन में घोलो ।
आन बचाने मात, चढ़ें जो शूली प्यारे।
वीरों का बलिदान, स्मरण करते हैं सारे ।।

बाबा साहब भीम, बनें गणतंत्र प्रणेता ।
समानता कानून, दिए हैं देश सुनेता।
प्रजाजनों का मान, रखें हैं यह फरियादी।
सर्वधर्म समभाव, दिए हैं हक आजादी।।

पद्मा साहू "पर्वणी"
खैरागढ़

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