जिला- कोरबा, छ.ग.
विषय- बसंत
विधा- कविता
शीर्षक-" आया बसंत आया "
प्रस्तुत है कविता-----
आया बसंत आया, अमराई में बौर है छाया ।
माँ सरस्वती के चरणों में , बौर अर्पित करके,
अमराई का मान बढाएं ।
अज्ञानता का तिमिर हटा कर ; ज्ञान का वरदान पाएं ।
उषा की ठंडी बयार के झोंके नें ; मन में भावनाओं का कुसुम खिलाया ,
आया बसंत आया ।
कोयल की कुहू ने ,
पपीहे की पीहू ने,
प्रिय और प्रियतम का मन हर्षाया ,
आया बसंत आया ।
अमराई में बौर है छाया ।
।।इति।।
" गोमती सिंह"
कोरबा, छ. ग.
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