जिला -दुर्ग (छ.ग. )
विषय -किसान
विधा -स्वतंत्र
भारत भूमि के सच्चे सपूत,
प्राण पण से लगे हुए सतत l
नाम से जिसका झलके ईमान,
हे उद्योगी, परिश्रमी आपको नमन किसान ll
भूमि के रक्षक, संरक्षक आप,
काल के भाल पे लिखते भाग्य l
राष्ट्र जीवन गति बनाये आसान,
हे परिश्रमी उद्योगी आपको नमन किसान ll
देश की आन को खेती बढ़ाते,
उसको संवारते आप बने सूत्रधार l
हर मुश्किल बन जाते वरदान,
हे उद्योगी परिश्रमी आपको नमन किसान ll
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