Saturday, January 2, 2021

कांकेर से मीराआर्ची चौहान की रचना- शहद

रचयिता-मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-शहद
विधा-कविता (मुक्त छंद)

मधुमक्खी,पराग कणों से बनाती  अमीय शहद।
प्राकृतिक मिठास औषधि गुणों
का खान शहद।

मधुमक्खी के कठिन परिश्रम का
पर्याय शहद।
वनौषधियों में आयुर्वेद चिकित्सा की जान शहद।

मानव तुम  हमेशा रहे आश्रित अन्य जीवों पर,
नहीं बना सकते शहद पर मीठा   बोल शहद -सा।

ऐ मानव! तुम्हारे कसैले ,कड़वे
जुबान को सुधार,
जाने  कितने अपने आहत होते 
हैं  वाणी के तीर से।

क्षणिक है जीवन वाणी में अब तो
मधुरस घोल।
शहद-सा मीठा बोल मनवा कड़वे 
शब्द न  बोल।।

मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
------------------------------------

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...