Friday, January 1, 2021

शहद पर विनोद कुमार "जोगी" के दोहे

रचनाकार :- विनोद कुमार "जोगी"
जिला :- महासमुंद
विषय :- शहद
विधा :- दोहा छंद
शीर्षक :- जोगी के दोहे "शहद"

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सुनो सखा नित राखिए, शहद सरीखे बोल।
हृदय जगत का जीतने, प्रीत भाव अनमोल।।१।।

फूलों से रस ले करें, मधुप शहद निर्माण।
मीठा रस फिर बाँटते, करें जगत कल्याण।।२।।

पुष्पों के मकरंद का, सखा शहद है सार।
मीठी मधु नित बाँटती, सकल जगत में प्यार।।३।।

सुनो सखा होते शहद, सेहत को अनमोल।
सेहत चुस्त रखे सखा, नित्य शहद *के* घोल।।४।।

मधुर मधुप जग में फिरे, चुने कुसुम के सार।
निज छत में संचित करे, मीठे रस की धार।।५।।

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