विषय -सुभाष चन्द्र बोस
दिनाँक-21.01.21
वार -शनिवार
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अद्भुत,अजब,
अमर,निर्भीक सपूत,
माँ भारती के तुम थे
सच्चे, सरल पूत।
नाम सुभाष था,जन-जन के
सशक्त वाणी थे,
कहाँ गए?कैसे हुआ?
नायक रहस्य भरी कहानी के थे।
तुम मुझे खून दो,
मैं तुम्हें आजादी दूँगा,
यह अलख जगाने वाले
वीर सेनानी थे।
आजाद हिंद फौज का
गठन करने वाले,
अमर पुरूष सजग,
समर्थ बलिदानी थे।
राजनीति के क्रूर
षड्यंत्रों के हुए शिकार,
युगों-युगों तक तुम्हारा
ऋण सकते नहीं उतार।
तुम्हारा शौर्य बल देख
ब्रिटिश सेना घबराई,
तत्क्षण भारत को आजादी
देने की गुहार लगाई।
जय हिंद का जय घोष करने
वाले तुम्हें शत-शत नमन,
तुम्हारे जन्म दिवस को
पराक्रम दिवस मना करते तुम्हारा वन्दन।
*पराक्रम दिवस की बधाई*
शत-शत नमन वीर सेनानी
💐💐🙏🏻🙏🏻💐💐
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर,(छ.ग.)
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