Tuesday, December 22, 2020

कांकेर से मीराआर्ची चौहान की रचना- लाला जगदलपुरी

रचयिता-मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक- छग के कवि -
           *लाला जगदलपुरी*
विधा-कविता (मुक्त छंद)

बस्तर के साहित्य कारों के
सचमुच भीष्म पितामह थे,
   लाला जगदलपुरी।

सच्चे साहित्य सृजेता संत थे
बस्तर की माटी के पुरोधा थे
   लाला जगदलपुरी।

बस्तर के साहित्य जगत के
कलमकारों के केन्द्र बिन्दु थे
    लाला जगदलपुरी।

बस्तर की जन बोली हल्बी को
 दिशा दे नई पहचान दिलाये थे
       लाला जगदलपुरी।

 सहज,सरल व्यक्तित्व के धनी थे
प्रखर वक्ता   बस्तर के प्रणेता  थे
      लाला जगदलपुरी।

बस्तर के साहित्य  को दिशा देकर
बस्तर का मान बढ़ाये थे दादा
        लाला जगदलपुरी।

शत्-शत् नमन शब्द शिल्पी को
सृजन को नव गति दिये थे
       लाला जगदलपुरी।

मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
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