Tuesday, December 22, 2020

कांकेर से नलिनी बाजपेयी कृत आलेख- छत्तीसगढ़ के कवि

रचनाकार-नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,जिला-कांकेर, (छ .ग.)
विषय-छत्तीसगढ़ के कवि
 

       छत्तीसगढ़ के कवि
                 छत्तीसगढ़ भाषा साहित्य का आधुनिक युग 1900 से प्रारंभ हुआ ।इस युग में अलग-अलग विधाओं में रचनाकारों ने अपनी अपनी कलम चलाई ।डॉ. सत्यभामा आडील ने अपनी पुस्तक" छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य" में लिखा है -"यद्यपि इस आधुनिक युग में गद्य के भी विविध प्रकारों का संवर्धन हुआ, तथापि काव्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां दृष्टिगोचर होती है।"
   छत्तीसगढ़ के कवियों में सबसे प्रमुख नाम पंडित सुंदरलाल शर्मा का आता है। जिन्होंने छत्तीसगढ़ी  रचनाओं का सृजन किया। पंडित सुंदरलाल शर्मा को महाकवि कहा जाता है ।वह छत्तीसगढ़ी भाषा के अलावा हिंदी, संस्कृत, मराठी, बंगला, उड़िया एवं अंग्रेजी में भी लिखा करते थे। हिंदी और छत्तीसगढ़ी में शर्मा जी ने इक्कीस ग्रंथों की रचना की ।उनकी लिखी छत्तीसगढ़ी दानलीला आज क्लासिकल के रूप में स्वीकृत है।
     
     पंडित द्वारिका प्रसाद तिवारी विप्र ने छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और लोकगीतों से संबंधित रचनाएं लिखी। प्रारंभ में वे ब्रजभाषा और खड़ी बोली में रचना करते थे।
          कवि गिरवर दास वैष्णव छत्तीसगढ़ के सामाजिक क्रांतिकारी कवि थे। उनकी प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह छत्तीसगढ़ी "सुनाज" के नाम से प्रकाशित हुई ।उनकी कविताओं में समाज के अंदर व्याप्त अंधविश्वास, जातिगत, ऊंच-नीच ,छुआछूत, तथा सामन्त प्रथा इत्यादि के विरोध में लिखा था।
         स्वर्गीय प्यारेलाल गुप्त आधुनिक साहित्यकारों के भीष्म पितामह कहे जाते हैं। गुप्तजी अंग्रेजी हिंदी मराठी तीनों भाषाओं में लिखते थे।
       कोदूराम दलित  गांधीवादी कवि थे। उनकी लगभग रचनाएं 800 के करीब है ।मगर ज्यादातर अप्रकाशित है ।हास्य व्यंग रचनाओं के साथ छत्तीसगढ़ी लोकोक्तियों का प्रयोग बड़े सुंदर ढंग से करते थे।
       इन सबके अतिरिक्त श्यामलाल चतुर्वेदी, हरि ठाकुर, बद्री विशाल, परमानंद, कपिल नाथ कश्यप, डॉक्टर नरेंद्र वर्मा, हेमनाथ यादव ,भगवती सेन, लाला जगदलपुरी, नारायण लाल परमार, डॉक्टर पालेश्वर शर्मा, केयूर भूषण ,दानेश्वर शर्मा ,डॉ विमल पाठक, विद्या भूषण मिश्रा ,नंदकिशोर तिवारी ,नारायण लाल परमार, लक्ष्मण मस्तूरिया, विशंभर यादव, रामेश्वर वैष्णव, कवि मुकुंद कौशल ,डॉ बलदेव, डॉ निरुपमा शर्मा, शकुंतला तरार, परदेशी राम वर्मा, आदि बहुत से कवि छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर रहे हैं।

       नलिनी बाजपेयी
   संबलपुर, कांकेर, (छ. ग.)

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