जिला :- महासमुंद
विषय :- मेरे लिए वर्ष 2020 के मायने
विधा :- छंद मुक्त कविता
शीर्षक:- खट्टी मीठी प्यारी बीस।
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एक अनूठी शाम सुहानी,
खट्टी मीठी प्यारी बीस।
जिसने अच्छे अच्छों को कर दी,
अपने सम्मुख में उन्नीस।
कुछ पाने की चाहत में हमने,
पाया यादों का सागर।
भीगी बिल्ली से दुबके थे,
आया था ऐसा अवसर।
एक अवसर जब जन - जन ने,
निज के गुणों को जाना।
महिनों तक हम बंद पड़े थे,
बंद रहा जी आना - जाना।
हाव - भाव को बदल लिया जी,
बदल गया अपना पहनावा।
अभावों में जीवन जी कर,
समझा वैभव केवल दिखावा।
समय पूर्ण निज को दे पाए,
निखर गया निज कला पक्ष।
जिसको हमने जीवन माना,
हो गए उसमें हम सब दक्ष।
बीस में टीस रहा न कोई,
बढ़ा हृदय में प्रेम अपार।
संकट जितना गहराई,
मिला उपाय अनूठा उपहार।
हंसते-हंसते बीस विदाई स्वीकार करो,
आने वाले वर्ष में उपकार करो।
जरा रंगहीन जो रह गई है साल बीस की,
अगले बरस तुम रंगों का संसार भरो।
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