स्थान- कचंदा
जिला- जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विषय- शिक्षक
विधा- कविता (गीत)
शीर्षक- शिक्षक
शिक्षक
शिक्षक शिक्षा देता, करता सद्काम जी ।
सबको शिक्षित कर दिलाता मुकाम जी ।।
अंधकार दूर भगाकर, उजाला फैसला है ,
ज्ञान दानकर जन में ज्ञानदीप जलाता है ,
सर्वस्व ज्ञान देता जीवन को आयाम जी ।
शिक्षक शिक्षा देता, करता सद्काम जी ।।
ज्ञान का अभाव में पड़ता है परस्पर द्वेष ,
दुर्भावना मिटती नहीं रह जाती है शेष ,
शिक्षक ही मिटाता है अज्ञानता तमाम जी ।
शिक्षक शिक्षा देता, करता सद्काम जी ।।
शिक्षक सिखाता है जीवन जीने का ढंग ,
जीवन में भर देता है एक नया सुर तरंग ,
शिक्षा के लिए करता नित ही संग्राम जी ।
शिक्षक शिक्षा देता, करता सद्काम जी ।।
आओ करें हम सब शिक्षक का सम्मान ,
गुरू-शिष्य के रिश्ते का रखें सदा ध्यान ,
विद्यालय ही शिक्षा का चारों धाम जी ।
शिक्षक शिक्षा देता, करता सद्काम जी ।।
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