रचनाकार-एच-एस-अरमो ,अरमान ।
निवास-बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ ।
विषय-छत्तीसगढ़ के संत ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक-"संत घासीदास बाबा "
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●••||संत घासीदास बाबा ||••●
छत्तीसगढ़ के सतनाम संत -
गुरु घासीदास जी,
गिरौद्पूरी है,जिनका धाम ।
बाबा सत्य के हैं पुजारी--
सतनाम पंथ के निर्माणक,
सतनामी समाज के उध्दारक,
मानवतावाद के संवाहक ।
मनखे मनखे एक बरोबर है,
ऐसा पाठ,समाज को समझाया ।
पशु बलि व कुप्रथाओं को,
मिटाने अपना जीवन मिटाया ।
मूर्ती पूजा का विरोध किया,
सतनाम का अलख जगाई,
जैतखाम का,दीप प्रज्वलित कराया ।
गिरौद्पूरी बना है,विश्व धाम,
सतनामी समाज के लिए,
तीर्थस्थल व पवित्रता का दर्शन,
करवाया और ऊँचा स्थान दिलाया ।
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व्याख्या--उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि संत के रूप में सतनामी समाज को एक मुकाम हासिल करने के लिए सर्वस्य लुटाया ।
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