Tuesday, December 1, 2020

बलौदाबाजार से संतराम कुम्हार की रचना- शिक्षक

रचनाकार -  संतराम कुम्हार 
   जिला -  बलौदाबाजार (छ. ग.) 
     विधा - कविता 
   शीर्षक - " शिक्षक की महिमा "
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गुरुवर.... 
आपकी महिमा का मैं, 
हर पल करूँ बखान l
ज्ञान के सागर आप ही, 
मैं बालक नादान l।

पथ प्रदर्शक मेरे जिंदगी के, 
मन में उजियारा जो लाते l
अज्ञान की अंधेरा मिटाकर, 
दिल में प्रकाश जगाते l
करूँ मैं हमेशा आपका सम्मान l
मैं बालक नादान ll

भगवान और गुरुवर जब, 
मेरे सामने आ जाते l
शीश मेरे गुरु चरणों में, 
पहले ही झुक जाते l
करूँ मैं उनको प्रणाम l
मैं बालक नादान ll

जन्म दिया माँ बाप ने मुझे,
सेवाभाव आप सिखाते l
काली अंधेरी रात में, 
सवेरा बन मेरे आते l
आप ही करुणा निधान l
मैं बालक नादान ll

समाज,संस्कार की बात सिखाते l
सत्य की राह पर चलना सिखाते l
दूर किए मन का अज्ञान l
मैं बालक नादान ll

भूलना ना अहसान गुरु के,
काबिल जो हमें बनाते l
प्रेम प्रीत का पाठ पढ़ाकर,
नफरत भाव से हमें बचाते l
महिमा कैसे करूं मैं बखान l
मैं बालक नादान ll
मैं बालक नादान ll
                                                   
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मौलिक रचना ( स्वरचित ) 
संतराम कुम्हार 
बलौदाबाजार (छ.ग.)

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