Friday, December 18, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- छत्तीसगढ़ के संत समाज

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - छत्तीसगढ़ के संत
विधा - मुक्त छंद
शीर्षक - छत्तीसगढ़ के संत समाज
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    // छत्तीसगढ़ के संत समाज //

छत्तीसगढ़ की पावन माटी ,
संत - महापुरुषों की खान ।
भक्ति ज्ञान सत्कर्म की खेती ,
यहाँ की है असली पहचान ।।

महाप्रभु वल्लभाचार्य जी ,
जन्मस्थली चम्पारण । 
कृष्ण भक्ति शाखा के प्रमुख ,
वेदशास्त्र में पारंगत ।।

नन्हा तुलेन्द्र प्रतिभाशाली ,
बन गए स्वामी आत्मानन्द ।
नर सेवा नारायण सेवा ,
उनके जीवन का सिद्धांत ।।

कविवर संत पवन दीवान जी ,
सांसद और विधायक ।
हँसते रहे हँसाते रहे ,
चर्चित भागवत कथावाचक ।।

संत गहिरा गुरु महान ,
आदिवासियों के मसीहा ।
लैलूंगा जशपुर नगर क्षेत्र में ,
अद्भुत कार्य जिन्होंने किया ।।

महर्षि महेश योगी जी ,
पाण्डुका ग्राम के लाल ।
भावातीत ध्यान के प्रणेता जो ,
पूरी दुनिया को किये निहाल ।।

गिरौदपुरी के संत महान ,
गुरु घासीदास जी बाबा ।
सत्यनाम जग में फैलाये ,
गाँव - शहर में जैतखम्भा ।।

छत्तीसगढ़ के संत समाज ,
और भी कितने सारे हैं ।
मानवता के महकते फूल ,
सभी पूजनीय प्यारे हैं ।।

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