स्थान---नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला----- जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा-कविता
विषय----योग्यता
शीर्षक---योग्य बनो
तुम्हारी योग्यता पर उंगली उठे।
उससे पहले सावधान हो जाओ ।
बिना योग्यता के योग्य समझने ।
की भूल को और न दुहराओ ।
जितनी योग्यता उतना काम ।
यही बुद्धिमानी इसी में नाम ।
जो जितने योग्य रहें उतना अच्छा ।
पूछ परख और इससे दाम ।
अगर योग्यता बढ़ाने की ।
अवसर हाथ लग जाती है ।
आंख मूंदकर बढ़ालो योग्यता ।
जीवन को उत्तम बनाती है ।
योग्यता ही आज पूजे जा रहे ।
अयोग्य को आज लूटे जा रहे ।
जो अयोग्य वो छूटे जा रहे ।
योग्यता सब आगे जा रहे ।
कुछ न कुछ योग्यता होना चाहिए ।
हीरा मोती चांदी सोना चाहिए ।
श्रेष्ठ और सर्वश्रेष्ठ योग्यता ही बनाता है ।
योग्यता को कभी नहीं खोना चाहिए ।
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