Friday, December 4, 2020

कांकेर से मीरा आर्ची चौहान की रचना- दृष्टिकोण

रचयिता-मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-दृष्टिकोण
विधा-कविता (मुक्त छंद)

जब दृष्टिकोण बदल जाता है तो,
जीवन शैली बदल जाता है|
सकारात्मक विचार  ही इंसान को
इंसानियत  सिखा जाता है|

डाकू से मनुज बने जब वाल्मीकि,
रामायण की रचना कर पाये|
शस्त्र त्याग कर कलिंग के राजा,
सम्राट अशोक बन पाये||

सादगी से साध सके  थे कलाम 
मिशाइल मेन बन पाये|
अच्छे दृष्टिकोण से ही संविधान
बाबा साहेब लिख पाये||

दृष्टिकोण बदल कर जग में इंसान
सफल हो जाता है|
 पदचिह्न बनता   मील का पत्थर 
  नाम अमर हो जाता है|

मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
______________________

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...