Saturday, December 26, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- वर्ष-२०२०

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
विषय - मेरे लिए वर्ष 2020 के मायने
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - मेरे लिए वर्ष 2020
*****************************

       //  मेरे लिए वर्ष 2020  //

मेरे लिए सन् दो हजार बीस ,
विष नही अमृत है ।
जो भी होता अच्छा है ,
प्रभु की इच्छा सशक्त है ।।

कोरोना से जूझ रहे सब ,
बेरोजगारी मँहगाई ।
संघर्ष भरा जीवन देखा ,
अमूल्य शिक्षा भी पाई ।।

भारतीय संस्कृति की महानता ,
कोरोना ने फिर समझाया ।
सादा जीवन प्राकृत ढंग से ,
आयुर्वेद का मान बढ़ाया ।।

जीवन कितना कीमती है ,
अनुभव मैंने कर लिया ।
मृत्यु के आगे मानव ,
बेबस और असहाय हुआ ।।

अपना कौन पराया कौन ,
अच्छे से पहचान गए ।
सबक मिला सन् बीस में ,
दुनिया की रीति जान गए ।।

कृत्रिम और विलासी जीवन ,
कुदरत के विपरीत है ।
अच्छे से जाना मैंने ,
फिजूलखर्ची अनुचित है ।।

घर - परिवार की देखभाल ,
धन से बड़ा स्वास्थ्य ।
ठोकर खाकर मैंने सीखा ,
और भी कितने रहस्य ।।

साहित्य लेखन के क्षेत्र में ,
मुझे मिली है खूब प्रगति ।
काव्य संसद में स्थान मिलना ,
मेरे लिए है उपलब्धि ।।

धर्म और अध्यात्म आज भी ,
होता है कितना आवश्यक ?
संत और भगवंत की महिमा ,
समझ लिया मैंने सम्यक ।।

सदैव सम और प्रसन्न रहना ,
सिखा दिया मुझको सन् बीस ।
बड़े बुजुर्गों और प्रभु का ,
लेते रहना है आशीष ।।

      ---#---#---#---

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...