जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-प्रौद्योगिकी और कविता
विधा-कविता (मुक्त छंद)
विज्ञान की तरक्की संग
कविता भी दौड़ पड़ी है,
द्रुत गति से साहित्य में ।
कभी,फेसबुक तो कभी
वाट्स एप्प पर भावनाएं
उकेरी जाती है फटाफट।
संचार क्रांति ने शिक्षा और
साहित्य को नव जीवन ही
दिया है नव प्रौद्योगिकी से।
आओ गढ़ दें ऐसा साहित्य
उगा दें नव सूरज और चांँद
प्रौद्योगिकी के आकाश में ।
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
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