स्थान--- नवापारा खुर्द/ सक्ति
जिला ---जांजगीर-चांपा /छत्तीसगढ़
विधा -कविता/ आलेख
विषय- समय
शीर्षक -चलो समय के साथ
चलो मेरे साथ,समय पुकारता है ।
हर पल तुम्हारी, ओर निहारता है ।
तुम्हारा ध्यान कहीं ,ओर है होता ।
कुछ और का,सुनाई शोर है होता ।
सबका ही वह, जीवन संवारता है ।
करता है इशारा,उन राहों की ।
जो जरुरत है,उन चाहों की ।
जो घबराते उन्हें,धिक्कारता है ।
उसके इशारों में होती है शक्ति ।
सभी उसी का करते हैं भक्ति ।
सावधान होने को ललकारता है ।
समय को जिसने बखूबी पहचाना ।
पा जाता वह इच्छित अपना ठिकाना ।
स्वर्ग भी इन्हीं हाथों में उतारता है ।
कर्म उदय भी उसके हाथों में ।
भाग्य उदय भी उसके हाथों में ।
बनाने वाला वह बिगड़ा सुधारता है ।
साथ चलना ही होती समय की मांग ।
काम नहीं आता कभी व्यर्थ का स्वांग ।
सबको जानता वह सब संग गुजारता है ।
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