विषय----भूमि
विधा--कविता
शीर्षक ---- भूमि की महिमा
------हे भूमि! हे धरा ! हे माँ वसुन्धरा ! तेरी महिमा कैसे गाऊँ,
तेरा ऋण कैसे मैं चुकाऊँ ।
तेरी दामन मे माँ न जाने कितने वीर प्रतापी आऐ ।
राम - कृष्ण जैसे परमब्रम्ह अवतरित. हुए
महाराणा प्रताप और सम्राट अशोक जैसे वीरोँ ने यहाँ जन्म लिया ।
वहीं तेरे दामन मे माँ , रावण , कंश जैसे दुराचारी ने भी जन्म लिया।
तेरी महिमा अनंत माते ! तूमने सबको यथायोग्य जलवायु दिया ।
मैं तेरी अल्पज्ञ सुपुत्री माँ तेरी गाथा कैसे मैं गाऊँ ,
तेरा ऋण कैसे मैं चुकाऊँ ।
माता - पिता से ये संस्कार मिला है प्रातः जब निद्रा से जागूँ
तेरी चरण मे शीष झुकाऊँ।
तब भूमि पर मैं पग धरुँ।
हे भूमि ! तेरी ऋण कैसे मैं चुकाऊँ,
तेरी महिमा कैसे मैं गाऊँ ।
" गोमती सिंह"
कोरबा छत्तीसगढ़
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