ग्राम - बुलाकी
जिला- रायगढ़ छत्तीसगढ़
विधा - आलेख
विषय - महाद्वीप
दिनांक - 11/11/2020
*************************
*महाद्वीप*
महाद्वीप पूरे विश्व को सात महाखंडों और उपमहाखंडों और द्वीप के रूप में खंडित स्वरूप में माना गया है ।जबकि पृथ्वी एक ही है। पृथ्वी को खंडित नहीं किया जा सकता न ही धरती खंड नहीं है ।जितना हम अपना माना है उसे अपना समझकर मनुष्य उसकी पहचान के लिए मान्यतावश खंडित किए हैं मूलत: देखा जाए तो पृथ्वी अखंड है। फिर भी मनुष्य अपने लिए उपयोगी बनाने हेतु खंडों में विभाजित माना है ।धरती की बाह्य सतह सात महाद्वीप और अनेक उपमहाद्वीप, द्वीप में पुकारते हैं। इन महाद्वीपों में अनेक प्राकृतिक स्थलाकृति हैं। जैसे मैदान, पठार, पहाड़ , पर्वत , रेगिस्तान , डेल्टा, दलदल , खाई अन्य आदि इन महाद्वीपों में विभिन्न प्रकार की चट्टान, मिट्टी एवं जीव जंतु , वनस्पति की विविधता देखने को मिलता है। अनेक भाग में अनेक देश, अनेक देश में, अनेक राज्य , अनेक राज्य में, अनेक संभाग,अनेक संभाग में अनेक जिले, अनेक जिले, अनेक तहसील, अनेक तहसील में, अनेक पंचायत, अनेक पंचायत में, अनेक गांव, अनेक गांव में अनेक घर परिवार, अनेक घर परिवार में अनेक सदस्य विद्यमान हैं। इन महाद्वीपों को चार अवस्था में देखा जा सकता है-
(1) पदार्थ जिसका तीन स्वरूप है ठोस,द्रव,गैस
(2)वनस्पति (प्राण अवस्था)
(3) जीव जंतु
(4)मानव इतने में संपूर्ण विश्व आ जाता है। महाद्वीपों का द्वीप,उपमहाद्वीप से संपर्क संबंध बना हुआ है महाद्वीपों में अनेक ऋतुएं भौगोलिक वातावरण के अनुसार भिन्नता पाया जाता है। अनेक कटिबंध एवं ऋतु में पाई जाती है। महाद्वीप पृथ्वी में और पृथ्वी के ऊपरी भाग में वायुमंडल पाया जाता है इस तरह पृथ्वी में महाद्वीप स्तर पर देखते हैं तो 5 मंडल पाया जाता है-
(1) स्थलमंडल
(2)जलमंडल
(3)वायुमंडल
(4)सौरमंडल
(5)जैव मंडल
पृथ्वी पर यही पांच मंडल विद्यमान है। महाद्वीप और महासागर दोनों की संयुक्त स्वरूप को पृथ्वी कहा जाता है। 29% स्थल 71% जल महाद्वीप 29% सागर 71% दोनों के संयुक्त से पृथ्वी का निर्माण हुआ है। महाद्वीप बड़े भूखंडों के स्वरूप में दृष्टव्य है। हमारा भारत देश विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप एशिया के अंतर्गत आता है।
*************************
उर्मिला सिदार
रायगढ़ छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment