Wednesday, November 11, 2020

दुर्ग से अनुरमा शुक्ला की रचना- एशिया

रचनाकार- अनुरमा शुक्ला
स्थान- दुर्ग (छ.ग.)
विधा- मुक्त
विषय-महाद्वीप
शीर्षक -  *अपना एशिया*


समुद्र है अथाह जल से भरा
तल से उठी हुई विस्तृत भूमि
सीमायें जिसकी स्पष्ट दिखती 
कहते इसी जमी को महाद्वीप ।

सात महाद्वीपों में सबसे बड़ा,
चाहे आकार हो या जनसंख्या
उत्तरी गोलार्ध में यह है स्थित 
एशिया कहें या कहें जंबुद्वीप ।

सारे धर्मों की यह जन्मभूमि
सभ्यता का पालना है नदियां
विकसित यही पर हुई मानव
प्राचीन सभ्यता,संस्कृतियां ।

एशिया यूरोप की नहीं सीमा, 
मिलकर  कहलाते यूरेशिया,
उत्तर में बर्फीला है आर्कटिक
दक्षिण मे उष्ण भूमध्य रेखा ।

विशाल रेगिस्तान, ऊँचे पर्वत
लम्बी नदियों को भी है समेंटे 
पर्वत शिखर माऊंट एवरेस्ट 
रुस यहांँ का सबसे बड़ा देश
।
मासिनराम में सर्वाधिक वर्षा
गोरखपुर में लम्बा प्लेटफार्म
मृत सागर सबसे नीचा स्थान 
यही है खारे पानी का झील ।

नारियल, खजूर, मसाले और
अनाज की खेती होती भरपूर
चाहे भिन्नभाषा,भिन्न रहे भेष
रहते यहांँ पर सभी मिलजुल ।।

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