स्थान- दुर्ग (छ.ग.)
विधा- मुक्त
विषय-महाद्वीप
शीर्षक - *अपना एशिया*
समुद्र है अथाह जल से भरा
तल से उठी हुई विस्तृत भूमि
सीमायें जिसकी स्पष्ट दिखती
कहते इसी जमी को महाद्वीप ।
सात महाद्वीपों में सबसे बड़ा,
चाहे आकार हो या जनसंख्या
उत्तरी गोलार्ध में यह है स्थित
एशिया कहें या कहें जंबुद्वीप ।
सारे धर्मों की यह जन्मभूमि
सभ्यता का पालना है नदियां
विकसित यही पर हुई मानव
प्राचीन सभ्यता,संस्कृतियां ।
एशिया यूरोप की नहीं सीमा,
मिलकर कहलाते यूरेशिया,
उत्तर में बर्फीला है आर्कटिक
दक्षिण मे उष्ण भूमध्य रेखा ।
विशाल रेगिस्तान, ऊँचे पर्वत
लम्बी नदियों को भी है समेंटे
पर्वत शिखर माऊंट एवरेस्ट
रुस यहांँ का सबसे बड़ा देश
।
मासिनराम में सर्वाधिक वर्षा
गोरखपुर में लम्बा प्लेटफार्म
मृत सागर सबसे नीचा स्थान
यही है खारे पानी का झील ।
नारियल, खजूर, मसाले और
अनाज की खेती होती भरपूर
चाहे भिन्नभाषा,भिन्न रहे भेष
रहते यहांँ पर सभी मिलजुल ।।
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