जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - कागज की कश्ती
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - कागज की नाव
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// कागज की नाव //
बच्चों की किलकारी है ,
कागज की नाव ।
बचपन की फुलवारी है ,
कागज की नाव ।।
दो घड़ी की मस्ती है ,
कागज की नाव ।
खेल पुरानी सस्ती है ,
कागज की नाव ।।
देख मचल जाते हैं बच्चे ,
कागज की नाव ।
बरसाती खिलौना है अच्छे ,
कागज की नाव ।।
आकर्षक मनमोहक लगते ,
कागज की नाव ।
बच्चे बूढ़े सबको भाते ,
कागज की नाव ।।
जीवन की कहानी है ,
कागज की नाव ।
सपनों की रानी है ,
कागज की नाव ।।
चार दिन की चाँदनी है ,
कागज की नाव ।
मरुभूमि की पानी है ,
कागज की नाव ।।
आतिशबाजी का अनार है ,
कागज की नाव ।
इंद्रधनुषी बौझार है ,
कागज की नाव ।।
दोपहर की छाया है ,
कागज की नाव ।
चकाचौंध की माया है ,
कागज की नाव ।।
तेल बिना का दीपक है ,
कागज की नाव ।
अँधेरे में जुगनू की चमक है ,
कागज की नाव ।।
नश्वरता की पहचान है ,
कागज की नाव ।
कुछ दिन का मेहमान है ,
कागज की नाव ।।
जीना - मरना सिखाती है ,
कागज की नाव।
समर्पण का पाठ पढ़ाती है ,
कागज की नाव ।।
अकड़ - पकड़ से दूर है ,
कागज की नाव ।
छुईमुई - सा जरूर है ,
कागज की नाव ।।
अल्प समय की जिंदगी ,
कागज की नाव ।
लेकिन सबको खुश कर देती ,
कागज की नाव ।।
भीगने गलने डूबने से न डरती ,
कागज की नाव ।
चुनैतियों से लड़ती - जूझती ,
कागज की नाव ।।
जग को देती प्रेरणा - सीख ,
कागज की नाव ।
हँसती - मुस्कुराती सबसे प्रीत ,
कागज की नाव ।।
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